काठमांडू/नई दिल्ली:
नेपाल में देश को पुनः 'हिंदू राष्ट्र' घोषित करने की मांग एक बार फिर व्यापक आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। पहाड़ी इलाकों से शुरू हुई यह वैचारिक और राजनीतिक सुलगती चिंगारी अब मधेश और भारत से सटे तराई क्षेत्रों तक गहराई से फैल चुकी है। हाल ही में सुनसरी जिले के देवानगंज में धार्मिक जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प और उसके बाद तीन प्रदर्शनकारियों की मौत ने स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण और संवेदनशील बना दिया है।
हालाँकि नेपाल सरकार ने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है, लेकिन इसके बावजूद जनता और विभिन्न संगठनों का आक्रोश थमता नहीं दिख रहा।
15 से अधिक हिंदूवादी संगठन एक मंच पर, 13-सूत्रीय मांगों के साथ मोर्चाबंदी
नेपाल को पुनः हिंदू राष्ट्र का दर्जा दिलाने के लिए इस समय 15 से अधिक प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक संगठन एकजुट हो चुके हैं। इनमें संयुक्त हिंदू मोर्चा, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP), हिंदू सम्राट सेना, महाकाल युवा शक्ति और हिंदू युवा संघ जैसे बड़े समूह शामिल हैं।
ये सभी संगठन 13-सूत्रीय मांगों को लेकर एक साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं। जनकपुर, रूपनदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु और तौलिहवा जैसे भारत के सीमावर्ती जिलों में इस आंदोलन का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। नेताओं का स्पष्ट कहना है कि अब यह मांग किसी एक क्षेत्र की न होकर पूरे नेपाल का राष्ट्रव्यापी मुद्दा बन चुकी है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: UP, बिहार और बंगाल सीमा पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता
नेपाल में गहराते आंतरिक तनाव को देखते हुए भारत सरकार और गृह मंत्रालय के निर्देश पर नेपाल से सटे भारतीय राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और संबंधित राज्यों की पुलिस चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है।
1. उत्तर प्रदेश (UP): 7 सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी
पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
सोनौली, बढ़नी, ककरहवा और खुनुवा जैसे प्रमुख प्रवेश द्वारों पर हर आने-जाने वाले की गहन तलाशी ली जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में चलाए गए सत्यापन अभियान के तहत सीमावर्ती इलाकों में बने कई अवैध निर्माणों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।
2. बिहार: बायोमेट्रिक जांच और फेस स्कैनिंग अनिवार्य
मधुबनी (बेतौंहा व पिपरौन बॉर्डर) और अररिया में हाई अलर्ट जारी है।
बिना वैध पहचान पत्र या नागरिकता प्रमाणपत्र के सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
घुसपैठ और उपद्रवी तत्वों को रोकने के लिए SSB और पुलिस द्वारा संयुक्त फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं।
3. पश्चिम बंगाल व सिक्किम: अतिरिक्त बल की तैनाती
सिलीगुड़ी सब-डिवीजन के पानीटंकी और मिरिक (पशुपति सीमा) पर अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
सिक्किम से सटी नेपाल सीमाओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है और वाहनों की सघन चेकिंग जारी है।





