प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश में जारी आफ़त की बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। प्रतापगढ़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित महुली वार्ड में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल है।

​नींद में ही खत्म हो गया पूरा परिवार

​घटना बुधवार देर रात लगभग 3:00 बजे की है, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। लगातार हो रही बारिश से सीलन और नमी के कारण मकान का ढांचा कमज़ोर हो चुका था, जो अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

​मलबे में दबने से मकान मालिक प्रमोद श्रीवास्तव (60), उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव (55), बेटा नितिन (25), छोटी बहू माधुरी (23) और उनके दो मासूम बेटे—दो वर्षीय माधव तथा महज चार महीने के अद्विक—की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

​चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसी, 2 घंटे चला रेस्क्यू

​हादसे के बाद इलाके में अफ़रा-तफ़री और चीख-पुकार मच गई। धमाके की आवाज़ सुनकर स्थानीय पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर करीब दो घंटे तक राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) चलाया और मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला।

​सबको तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल अमन नामक युवक की हालत नाज़ुक बनी हुई है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।

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​इलाके में पसरा मातम

​चार महीने के मासूम अद्विक और दो साल के माधव की मौत की खबर से पूरा इलाका स्तब्ध है। एक ही झटके में पूरे परिवार के खत्म हो जाने से महुली वार्ड में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए आगे की कानूनी और सहायता प्रक्रिया शुरू कर दी है।