महाराष्ट्र कैब रूल्स को लेकर राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कमर्शियल पैसेंजर वाहन चलाने वाले सभी ड्राइवरों, ऑटो-रिक्शा चालकों और ऐप-आधारित कैब ऑपरेटर्स के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। इस नियम की अनदेखी करने या भाषा न सीखने की स्थिति में ड्राइवरों का लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है और बार-बार उल्लंघन करने पर स्थाई रूप से परमिट रद किया जा सकता है।

​राज्य के परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सही संवाद सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। नए संशोधित नियमों के लागू होने के बाद अब मुंबई, पुणे, नागपुर और ठाणे जैसे बड़े शहरों में बिना मराठी भाषा के ज्ञान के व्यावसायिक वाहन चलाना संभव नहीं होगा।

​Maharashtra Cab Rules में किए गए बड़े कानूनी बदलाव

​राज्य सरकार ने 'महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026' के माध्यम से पुराने नियमों में आवश्यक कानूनी संशोधन किए हैं। इन बदलावों के तहत अब लाइसेंस जारी करने और परमिट नवीनीकरण (Renewal) की प्रक्रिया में ही मराठी भाषा की दक्षता को प्राथमिक शर्त बना दिया गया है।

​1. ड्राइविंग ऑथराइजेशन के लिए मराठी अनिवार्य (Rule 4)

​'महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989' के नियम 4 में संशोधन किया गया है। इसके तहत व्यावसायिक वाहन चलाने का अधिकार प्राप्त करने वाले हर नए आवेदक को मराठी भाषा का कामकाज चलाने लायक ज्ञान होना अनिवार्य होगा। बिना इस योग्यता के आरटीओ (RTO) द्वारा ड्राइविंग ऑथराइजेशन जारी नहीं किया जाएगा।

​2. ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवरों पर निगरानी (Rule 22)

​नियम 22 में नया उप-नियम (3A) जोड़ा गया है। इसके तहत ओला, उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के कैब ड्राइवरों को भाषा का व्यावहारिक परीक्षण देना पड़ सकता है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) यदि किसी ड्राइवर में अपेक्षित दक्षता की कमी पाते हैं, तो लिखित कारण दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।

​3. परमिट धारकों और रिन्यूअल के नियम (Rule 78 & 85)

​संशोधित नियम 78 और 85 के अनुसार, यह बाध्यता केवल ड्राइवर पर ही नहीं बल्कि परमिट धारकों (Permit Holders) पर भी लागू होगी। इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-आधारित कैब के परमिट रिन्यूअल के समय मकान मालिक या वाहन स्वामी को भी मराठी भाषा में अपनी दक्षता सिद्ध करनी होगी।

​नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त सजा

​नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने दंडात्मक प्रावधानों को काफी कड़ा बनाया है।

​शुरुआती नोटिस व निलंबन: यदि कोई ड्राइवर मराठी भाषा बोलने में असमर्थ पाया जाता है, तो उसे पहली बार में सुधार का मौका दिया जाएगा या फिर उसका ड्राइविंग ऑथराइजेशन 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा।

​परमिट का स्थाई रद्दीकरण: निलंबन अवधि पूरी होने के बाद भी यदि ड्राइवर नियमों का पालन नहीं करता है या बार-बार उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस और बैज हमेशा के लिए रद (Cancel) कर दिया जाएगा।

​Maharashtra Cab Rules लागू करने के पीछे परिवहन मंत्री का बयान

​महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस फैसले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मकसद किसी वर्ग को परेशान करना नहीं है, बल्कि सिस्टम की पुरानी कमियों को दूर करना है।

​"कई सालों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ चालक भाषा संबंधी अस्पष्टता का फायदा उठाकर नियमों से बच निकलते थे। यात्रियों, विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए ड्राइवर और यात्री के बीच सही संवाद होना बेहद जरूरी है। स्थानीय भाषा का ज्ञान होने से आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध कराई जा सकती है।"