​सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में Imran Khan Death Rumors ने पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल में भारी उथल-पुथल मचा दी है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (PTI) के संस्थापक इमरान खान को लेकर एमी-नॉमिनेटेड वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने एक सनसनीखेज दावा किया है। वजाहत के अनुसार, तीन वरिष्ठ सैन्य सूत्रों ने उनसे आशंका जताई है कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान अब जीवित नहीं हैं या उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक है।

​हालांकि इन सूत्रों ने खुद इमरान खान को मृत नहीं देखा है, फिर भी इस दावे के सार्वजनिक होते ही देश-विदेश में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। जेल प्रशासन और सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट न किए जाने के कारण Imran Khan Death Rumors और तेजी से फैल रही हैं।

​Imran Khan Death Rumors के पीछे की मुख्य वजहें और वर्तमान स्थिति

​पाकिस्तान में इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं नई नहीं हैं, लेकिन हालिया दिनों में उनका अपने परिवार और डॉक्टरों से संपर्क पूरी तरह कट जाना इन अफ़वाहों का मुख्य कारण बना है।

​1. मुलाकात पर पूरी तरह से रोक

​मंगलवार को इमरान खान के परिवार, उनकी बहनों और PTI नेताओं ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई कि जेल प्रशासन उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दे रहा है। कई सप्ताह से किसी भी कानूनी टीम या निजी डॉक्टर को जेल परिसर के भीतर जाने नहीं दिया गया है। जब परिजनों को मिलने से रोका जाता है, तो जनता के बीच Imran Khan Death Rumors जैसी खबरें और भी तेज़ी से घर कर जाती हैं।

​2. पत्रकार वजाहत सईद खान का दावा

​पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर खुलासा किया कि पाकिस्तानी सेना से जुड़े तीन अंदरूनी सूत्रों ने उन्हें इमरान खान की जेल में संदिग्ध मौत होने की आशंका की जानकारी दी। हालांकि उन्होंने यह माना कि इसकी प्रत्यक्ष पुष्टि अभी बाकी है, फिर भी इस बयान ने इस्लामाबाद से लेकर लाहौर तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

​ध्यान दें: अब तक पाकिस्तान सरकार या रावलपिंडी की अदियाला जेल अथॉरिटी की तरफ से आधिकारिक तौर पर इस मौत के दावे की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पीटीआई समर्थकों का गुस्सा लगातार फूट रहा है।

​PTI का आक्रामक रुख: 20 लाख समर्थक करेंगे इस्लामाबाद का घेराव

​Imran Khan Death Rumors के आग की तरह फैलते ही उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

​सोहेल अफरीदी की चेतावनी: खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और PTI के दिग्गज नेता सोहेल अफरीदी ने साफ कहा है कि अगर इमरान खान की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो 20 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरेंगे।

​27 सितंबर को लॉन्ग मार्च: पार्टी ने ऐलान किया है कि 27 सितंबर को पूरे पाकिस्तान से लोग इस्लामाबाद की ओर कूच करेंगे।

​'हाइब्रिड शासन' पर निशाना: अफरीदी ने चेतावनी दी कि देश के युवाओं के अंदर सुलग रहे गुस्से को संभालना चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDF) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और शहबाज सरकार के लिए नामुमकिन हो जाएगा।

​अंतरराष्ट्रीय दबाव: अमेरिकी सांसदों ने मार्को रुबियो को लिखा पत्र

​पाकिस्तानी प्रशासन केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी घिरता नजर आ रहा है।

​अमेरिकी कांग्रेस का हस्तक्षेप

​अमेरिकी सांसदों के द्विदलीय समूह (Bipartisan Group) ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक औपचारिक पत्र सौंपा है। इस पत्र में आग्रह किया गया है कि वे इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की जेल में अमानवीय स्थिति का मुद्दा सीधे इस्लामाबाद के सामने उठाएं।