महाराष्ट्र के नागपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को भयानक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। आरोपी ने पीड़िता को करीब 3 महीने तक मानसिक और डिजिटल गुलाम बनाकर रखा। इस Nagpur Minor Digital Arrest Case ने ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया के खतरों को लेकर पूरे देश में बहस छेड़ दी है। आरोपी ने न केवल नाबालिग का कई बार यौन शोषण किया, बल्कि उसे कुत्ते के पट्टे, चमड़े की बेल्ट से पीटा और शरीर पर चाकू से 20 से अधिक घाव दिए।

​Nagpur Minor Digital Arrest Case में इंस्टाग्राम पर फेक आईडी से शुरू हुई थी कहानी

​पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ठाणे का रहने वाला है और उसने इंस्टाग्राम पर "आकाश मेहरा" नाम से फर्जी अकाउंट बनाया था। पिछले साल उसने इसी फेक आईडी के जरिए नागपुर की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे उसने लड़की को अपने झांसे में ले लिया।

​बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल करने की साजिश रची। उसने पीड़िता से उसकी निजी तस्वीरें हासिल कर लीं। इसके बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया और उसने तस्वीरों को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर नाबालिग पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

​Blackmail और Blackmail के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक खेल

​Nagpur Minor Digital Arrest Case का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी द्वारा इस्तेमाल किया गया 'डिजिटल अरेस्ट' का तरीका है। आरोपी चौबीसों घंटे वीडियो कॉल, लोकेशन शेयरिंग और मोबाइल एक्सेस के जरिए पीड़िता पर कड़ी नजर रखता था।

​करीब दो महीने पहले आरोपी ने पीड़िता को अपने घर की छत पर जाकर वीडियो कॉल करने का आदेश दिया। इतना ही नहीं, वह उसे बिस्तर के नीचे सोने जैसी अजीब और अमानवीय हरकतें करने के लिए मजबूर करता था। जब भी पीड़िता उसकी बात मानने से इनकार करती, आरोपी उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देता। बदनामी और खौफ के साये में जी रही नाबालिग आरोपी के हर फरमान को मानने पर मजबूर हो गई।

​छत पर दुष्कर्म से लेकर फ्लैट में बंधक बनाने की हैवानियत

​आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। नागपुर आने के बाद वह पीड़िता को रात के समय इमारत की छत पर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद उसने नागपुर के दिघोरी इलाके में एक किराए का फ्लैट लिया।

​आरोपी ने धमकी देकर पीड़िता को उस फ्लैट पर बुलाया और वहां उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। फ्लैट के भीतर उसने पीड़िता को बेदर्दी से पीटा और उसके शरीर पर चाकू से 20 से ज्यादा गहरे घाव किए।

​कुत्ते के पट्टे से पिटाई, पेट शॉप्स से पुलिस ने जुटाए सबूत

​जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने पीड़िता को बांधने और पीटने के लिए जिन बेल्ट्स और गर्दन के स्ट्रैप का इस्तेमाल किया था, वे असल में कुत्तों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पट्टे थे।

​नागपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शहर की दो प्रमुख पेट शॉप्स (Pet Shops) को ट्रेस किया, जहां से ये पट्टे खरीदे गए थे। पुलिस ने दुकान के मालिकों और कर्मचारियों से पूछताछ कर अहम सबूत जुटाए हैं।

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