Sangam Vihar Murder Case ने एक बार फिर समाज में रिश्तों के टूटते ताने-बाने और अवैध संबंधों के गंभीर परिणामों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके संगम विहार से सामने आई यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि यह दर्शाती है कि संपत्ति और अनैतिक संबंधों की चाहत इंसान को किस हद तक अंधा बना सकती है।
राजधानी दिल्ली के संगम विहार थाना क्षेत्र में 10 अगस्त को सामने आई इस वारदात में 22 साल पुराने पवित्र वैवाहिक रिश्ते की बलि चढ़ा दी गई। 55 वर्षीय मुन्ना लाल की हत्या उनकी ही पत्नी ने अपने से आधी उम्र के प्रेमी के साथ मिलकर कर दी। मामले को चोरी के दौरान हुई हत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने इस खौफनाक साजिश की परतें उखाड़ फेंकीं।
Sangam Vihar Murder Case: संपत्ति हड़पने के लिए 5 लाख में तय हुआ सौदा
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पूरी वारदात का मुख्य मकसद संपत्ति पर पूरी तरह कब्जा जमाना था। मुन्ना लाल की जायदाद को अपने नाम कराने की नीयत से आरोपी पत्नी मंजू ने पूरी योजना तैयार की। उसने अपने प्रेमी चमन को इस साजिश में शामिल करने के लिए 5 लाख रुपये देने का वादा किया था।
चमन ने अपने एक दोस्त किशन को भी इस हत्याकांड में सहयोगी के रूप में शामिल किया। साजिश के तहत, मंजू ने सबसे पहले अपने पति को भारी खुराक में नींद की गोलियां दीं। जब मुन्ना लाल बेसुध होकर सो गए, तब आरोपियों ने उनके शरीर में बिजली का करंट दौड़ाया। इसके बाद रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई, ताकि किसी भी स्थिति में उनके बचने की संभावना न रहे।
Sangam Vihar Murder Case: चोरी की झूठी कहानी का हुआ पर्दाफाश
वारदात को अंजाम देने के बाद, तीनों आरोपियों ने घर का सारा सामान बिखेर दिया। योजना यह थी कि जब सुबह पड़ोसी या पुलिस पहुंचे, तो इसे चोरी का विरोध करने पर हुई हत्या का मामला समझा जाए। शुरुआत में मंजू ने पुलिस के सामने अनजान बनने का नाटक किया और यह दिखाने की कोशिश की कि अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से मुन्ना लाल पर हमला किया।
हालांकि, संगम विहार पुलिस को घटनास्थल का मुआयना करते समय मंजू के बयानों में कई असमानताएं मिलीं। घर में जबरन प्रवेश (Forced Entry) के कोई सबूत नहीं थे। इसके अलावा, शव पर मिले बिजली के झटके के निशान और गले पर रस्सी के निशान ने पुलिस का शक गहरा कर दिया।
Sangam Vihar Murder Case: पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सर्विलांस और फॉरेंसिक टीमों को काम पर लगाया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर चमन और उसके साथी किशन की संदिग्ध आवाजाही का पता चला।
सख्ती से पूछताछ किए जाने पर आरोपी मंजू टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी मंजू, उसके प्रेमी चमन और सहयोगी किशन को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई रस्सी, नींद की गोलियों के रैपर और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद कर लिए गए हैं।
अवैध संबंधों के बढ़ते दुष्परिणाम और सामाजिक चिंताएं
यह घटना देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आ रहे उन मामलों की श्रृंखला से मिलती-जुलती है, जहां अवैध संबंधों और संपत्ति के विवाद में अपनों को ही मौत के घाट उतार दिया गया। मेरठ के चर्चित नीला ड्रम कांड, पुणे का लोहागढ़ किला हत्याकांड और आगरा में पति की हत्या कर शव को फर्श के नीचे दफनाने की घटनाओं ने पहले भी देश को झकझोर कर रख दिया था।
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