लखनऊ:
राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद बेरहमी से चाकू से ताबड़तोड़ 15 वार कर और गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी देवांश पाठक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान घटना स्थल से खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया गया है।
सुनसान घर देख रची खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि 5 अगस्त को पीड़िता के माता-पिता गांव गए हुए थे और घर का किरायेदार भी अपने परिवार के साथ बाहर था। जब बड़ी बहन कॉलेज गई हुई थी, तब किशोरी घर में अकेली थी। आरोपी देवांश पाठक को इस बात की भनक लग गई थी और उसने अकेलेपन का फायदा उठाकर घर में घुसपैठ की।
घर के अंदर घुसकर उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो उसने दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए चाकू से एक के बाद एक 15 वार किए और गला रेतकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
बातचीत बंद होने से उपजी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ के अनुसार, मृतका और आरोपी देवांश एक-दूसरे को पहले से जानते थे तथा दोनों ने हाल ही में एक निजी कॉलेज में बीसीए (BCA) पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था।
6 महीने से जारी था विवाद: पिछले करीब छह महीनों से दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी।
बना ली थी दूरी: किशोरी ने कुछ समय से देवांश से पूरी तरह दूरी बना ली थी और बातचीत बंद कर दी थी।
संदेह और आक्रोश: बातचीत बंद होने के कारण देवांश के मन में शक और गुस्सा पनप रहा था, जो अंततः इस जघन्य अपराध का कारण बना।
कॉलेज से लौटी बहन ने देखा रक्तरंजित मंजर
घटना का खुलासा तब हुआ जब दोपहर को बड़ी बहन कॉलेज से घर वापस आई। मुख्य दरवाजा बाहर से बंद देखकर जब उसने अंदर प्रवेश किया, तो कमरे में बहन का खून से लथपथ शव पड़ा था। वहीं पास में आरोपी देवांश भी अचेत अवस्था में पड़ा मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद जब आरोपी होश में आया और पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के बाद आरोपी सच में बेहोश हुआ था या अचेत होने का नाटक कर रहा था।
मामले में पॉक्सो एक्ट और संगीन धाराएं जोड़ी गईं
इंस्पेक्टर पारा (सुरेश सिंह) का बयान:
"पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 66 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 5/6 बढ़ा दी गई है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। सीसी टीवी फुटेज (CCTV Footage) और मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।"




