तेहरान:
ईरान में छाए गंभीर आर्थिक संकट और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव ने आम जनता की कमर तोड़कर रख दी है। महंगाई इस कदर आसमान छू रही है कि लोगों के पास अब पेट भरने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे खत्म हो चुके हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोग गुजारा करने के लिए अपने बाल, इस्तेमाल किए हुए कपड़े, इत्र (परफ्यूम) की खाली बोतलें और पुराने जूते तक बेचने को मजबूर हैं।
'सर्वइवल इकोनॉमी': हर छोटी चीज से पैसा कमाने की होड़
ईरानी समाचार एजेंसी 'ILNA' की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अब 'सर्वइवल इकोनॉमी' (जीवित रहने के लिए अर्थव्यवस्था) का दौर शुरू हो चुका है। लोग अपने घरों की उन मामूली चीजों को भी बेच रहे हैं जिन्हें अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है।
• प्राकृतिक बालों की बिक्री: लड़कियां और महिलाएं अपने असली बालों को एक्सटेंशन (Extension) के काम के लिए बेच रही हैं। बालों की लंबाई, रंग और क्वालिटी के हिसाब से उन्हें कई हजार ईरानी रियाल मिल रहे हैं।
• खाली बोतलें और पुराने सामान: लोग परफ्यूम की इस्तेमाल की हुई बोतलें, पुराने कोट-पैंट और काम करने वाले जूते ऑनलाइन विज्ञापनों में डाल रहे हैं।
• किराए पर सामान: अब लोग लैपटॉप जैसी चीजें खरीदने के बजाय जरूरत पड़ने पर कुछ दिनों के लिए किराए पर ले रहे हैं और काम खत्म होते ही वापस कर देते हैं।
महंगाई दर 87% के पार, खाने के लाले
ईरान के सांख्यिकी केंद्र (Statistical Center of Iran) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के महीने में सालाना महंगाई दर 66% तक पहुंच गई, जबकि साल-दर-साल के हिसाब से यह 87.9 प्रतिशत दर्ज की गई है।
महंगाई का यह स्तर केवल शौक पूरा करने पर रोक नहीं लगा रहा, बल्कि इसने लोगों की थाली से खाना तक छीन लिया है। दवाइयों और इलाज के लिए लोग अब किस्तों (EMI) का सहारा लेने लगे हैं।
अमेरिका से बढ़ता तनाव और राजनीतिक अनिश्चितता
इस आर्थिक तंगी के पीछे अमेरिका के साथ चल रहा संघर्ष और कड़े आर्थिक प्रतिबंध मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान और खाड़ी देशों के साथ बातचीत के रास्ते तलाशने का यह आखिरी मौका है।
वहीं दूसरी तरफ, तेहरान (ईरान सरकार) ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है।
जब तक यह राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और महंगाई पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक ईरान के आम परिवारों के लिए हर दिन एक नई जंग जैसा बना हुआ है।



