नई दिल्ली:
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पेंशनधारकों और निजी क्षेत्र में काम करने वाले नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत करीब एक दशक पुराने वेज सीलिंग (वेतन सीमा) के नियमों में बड़ा संशोधन करने जा रही है।
प्रस्तावित नए नियमों के तहत अनिवार्य पेंशन कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय की ओर से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद अब इसे केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो इसे 1 अप्रैल 2027 से पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
25 हजार तक बेसिक वेतन वालों को मिलेगा सीधा फायदा
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, ईपीएफओ के तहत पेंशन गणना के लिए अधिकतम वेतन सीमा 15,000 रुपये तय है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी (Basic + DA) 50,000 रुपये भी है, तब भी पेंशन अंशदान की गणना 15,000 रुपये के आधार पर ही होती है (यदि उसने हायर पेंशन का विकल्प न चुना हो)।
वेतन सीमा बढ़कर 25,000 रुपये होने से 15,001 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक कमाने वाले लाखों नए कर्मचारी भी अनिवार्य रूप से पेंशन योजना के दायरे में आ जाएंगे। इससे भविष्य में रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि में भारी इजाफा देखने को मिलेगा।
न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 करने पर भी जारी है मंथन
वर्ष 2014 में सरकार ने ईपीएस के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह तय की थी, जो पिछले 10 सालों से यथावत बनी हुई है। हालांकि, पेंशनभोगी संगठनों और राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) द्वारा इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह करने और इसे महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ने की लगातार मांग की जा रही है।
सरकार इस मांग और पेंशनभोगी संगठनों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है, हालांकि अभी संसद या सरकार की तरफ से इस पर अंतिम आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।
समझें पेंशन की गणना का गणित
ईपीएफओ के नियमानुसार, किसी कर्मचारी की मासिक पेंशन उसकी कुल सेवा अवधि और अंतिम बेसिक सैलरी + डीए पर निर्भर करती है।
पेंशन की गणना का आधिकारिक फॉर्मूला:
(सेवा अवधि x (60 x मूल वेतन + महंगाई भत्ता)) / 70।
यदि वेतन सीमा 25,000 रुपये होती है, तो फॉर्मूले में औसत वेतन का दायरा बढ़ जाएगा, जिससे हर महीने हाथ में आने वाली पेंशन की रकम लगभग दोगुनी तक हो सकती है
स्टार्टअप और 20+ कर्मचारियों वाली कंपनियों पर लागू होंगे नियम
नियमों के मुताबिक, जिस भी कंपनी, संस्थान या स्टार्टअप में 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके लिए ईपीएफओ (EPFO) में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।



