हरारे (जिम्बाब्वे):

जिम्बाब्वे की प्रसिद्ध करिबा झील में मंगलवार को एक बड़ा और बेहद दुखद हादसा सामने आया है। लगभग 95 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को ले जा रही एक नौका झील में तेज लहरों की चपेट में आने के बाद पलट गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे में कम से कम 15 लोगों की जान जाने की आशंका है, जबकि 20 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

​खराब मौसम और तेज लहरें बनीं हादसे की वजह

​स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, नाव उत्तरी शहर करिबा को आसपास के द्वीपों और मछली पकड़ने के शिविरों से जोड़ने का काम करती है। मंगलवार सुबह जब नाव अपनी सामान्य यात्रा पर निकली, उस वक्त मौसम काफी खराब था।

​प्रत्यक्षदर्शी मैक्सटन कान्हेमा ने बताया कि पानी के बीच अचानक नाव एक भीषण लहर से टकराई, जिससे उसका इंजन बंद हो गया और अनियंत्रित होकर नाव पानी में पलट गई।

​सेना और राष्ट्रीय उद्यान ने शुरू किया बचाव अभियान

​हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य नौकाओं ने संकट का संकेत मिलते ही मदद के हाथ बढ़ाए। इसके अलावा:

​हेलीकॉप्टर से मदद: मतुसाडो नेशनल पार्क ने तुरंत राहत कार्य के लिए एक हेलीकॉप्टर तैनात किया।

​गोताखोर तैनात: स्थानीय सेना, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

​60 लोगों को बचाया गया: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगभग 60 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

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​दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील पर हादसा

​करिबा झील, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित है और यह आयतन (Volume) के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील मानी जाती है। राजधानी हरारे से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित यह झील परिवहन का प्रमुख माध्यम है, लेकिन अचानक बदले मौसम ने इस यात्रा को भीषण हादसे में बदल दिया।

​प्रशासन के अनुसार, शवों को पहचान के लिए करिबा ले जाया जा रहा है और लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम लगातार झील में सर्च ऑपरेशन चला रही है।