40 डिग्री पहुंचा पारा, रातें भी बनीं 'ट्रॉपिकल'

उत्तर कोरिया इन दिनों अब तक के सबसे खराब मौसम का सामना कर रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 35°C से 40°C के रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है।


​मौसम विभाग के अनुसार:


• ​दिन में तापमान 33°C से 35°C के बीच बना हुआ है।

• ​हवा में नमी (Humidity) का स्तर 70% से अधिक पहुंच गया है।

• ​रात के समय भी तापमान 25°C से नीचे नहीं गिर रहा, जिससे देश में लगातार 'ट्रॉपिकल नाइट्स' का असर देखा जा रहा है।


​क्या है उत्तर कोरिया की विवादित सरकारी एडवाइजरी?

भीषण गर्मी से निपटने के लिए सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के आधिकारिक समाचार पत्र 'रोडोंग सिनमुन' (Rodong Sinmun) ने एक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।

​इस एडवाइजरी में प्योंगयांग जनरल हॉस्पिटल के डॉक्टरों के हवाले से चेतावनी दी गई है कि अत्यधिक गर्मी के कारण दिल की बीमारियां, डायबिटीज और हाइपरथायरायडिज्म जैसे गंभीर रोग तेजी से बढ़ सकते हैं।


​गर्मी और थकान से बचने के लिए सरकारी मीडिया ने लोगों को खान-पान में निम्नलिखित चीजें शामिल करने का सुझाव दिया है:


1. ​ठंडक देने वाले फल व सब्जियां: तरबूज, खीरा और मूंग।

2. ​पारंपरिक पौष्टिक आहार: रेड बीन (लाल बीन्स) का दलिया, मछली का दलिया और कुत्ते के मांस का सूप (Bosintang/Dangogi Guk)।

​'डैंगोगी गुक': उत्तर कोरिया में क्यों खास है कुत्ते के मांस का सूप?


​उत्तर कोरिया में कुत्ते के मांस से बने सूप को स्थानीय भाषा में 'डैंगोगी गुक' (Dangogi Guk) या 'स्वीट मीट सूप' कहा जाता है।


​स्वास्थ्य मान्यता: उत्तर कोरियाई सरकार और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, यह सूप शरीर को ऊर्जा देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और गर्मी से होने वाली शारीरिक थकान (Heat Exhaustion) को दूर करने में 'हेल्थ टॉनिक' की तरह काम करता है।


​क्या आम जनता की पहुंच में है यह सूप?

भले ही उत्तर कोरिया की सरकार इस सूप को गर्मी से बचने का रामबाण इलाज बताकर बढ़ावा दे रही हो, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है।


• ​बेहद महंगा आहार: यह सूप स्थानीय बाजार में इतना महंगा है कि आम जनता के लिए इसे रोज खाना तो दूर, कभी-कभार खरीद पाना भी मुश्किल है।

• ​सीमित उपलब्धता: गरीबी और महंगाई से जूझ रहे उत्तर कोरिया के आम नागरिक जहां तरबूज और खीरे जैसे सस्ते विकल्पों पर निर्भर हैं, वहीं यह खास सूप केवल एलीट (अमीर) वर्ग या विशेष मौकों तक ही सीमित होकर रह गया है।


​मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में फिलहाल लू और भीषण गर्मी का यह प्रकोप आगे भी जारी रहने की संभावना है।