बोगोटा:
कोलंबिया के पश्चिमी क्षेत्र में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के एक शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 130 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 570 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप की विभीषिका को देखते हुए राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रीला ने पूरे देश में आपातकाल (इमरजेंसी) और राष्ट्रीय आपदा की घोषणा कर दी है।
राजधानी बोगोटा से 400 किमी दूर था केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का मुख्य केंद्र राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित सैन जोस डेल पाल्मार (चोको प्रांत) के ग्रामीण इलाके में था। जमीन से इसकी गहराई करीब 107 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सेवा ने पुष्टि की है कि यह बीते एक दशक (10 वर्षों) में देश में आया सबसे भीषण भूकंप है। मुख्य झटके के बाद 2.8 और 4.8 तीव्रता के दो आफ्टरशॉक्स (अनुकंप) भी महसूस किए गए।
पड़ोसी देशों में भी कांपी धरती
इस महाभूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसके झटके कोलंबिया के सीमावर्ती देशों—इक्वाडोर, वेनेजुएला और पनामा तक में महसूस किए गए। हालांकि, गनीमत यह रही कि कोलंबिया की सीमाओं के बाहर किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
दुर्गम इलाकों में राहत कार्य में चुनौतियां
भूकंप का सबसे ज्यादा असर चोको, रिसाराल्दा, वैले डेल कॉका और काल्डास जैसे प्रांतों पर पड़ा है।
कठिन भूगोल: सबसे अधिक प्रभावित चोको क्षेत्र दूर-दराज का इलाका है, जहां खराब सड़कों और सीमित बुनियादी ढांचे के कारण राहत और बचाव टीमों को पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
खुले आसमान तले रहने को मजबूर लोग: सैकड़ों इमारतों के ध्वस्त होने और लगातार आफ्टरशॉक्स के खतरे को देखते हुए हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर कड़ाके की ठंड में खुले मैदानों में रहने को मजबूर हैं।
राष्ट्रपति खुद रख रहे स्थिति पर नजर
आपदा की खबर मिलते ही राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रीला अपनी यात्राएं रद्द कर तत्काल बोगोटा लौट आए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लिए आपातकालीन फंड जारी कर दिया है। फिलहाल वे राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन इकाई (UNGRD) के क्राइसिस सेंटर से सीधे राहत और बचाव अभियानों की निगरानी कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने प्रभावित नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार पुनर्वास और इलाज के लिए हर संभव संसाधन मुहैया कराएगी।



