गुवाहाटी/नागांव।
असम के नागांव जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कैंप में एक अधिकारी ने आपसी कहासुनी या किसी अज्ञात वजह से अपने ही साथियों पर अंधाधुंध गोलियाँ चला दीं। इस भीषण गोलाबारी में सीआरपीएफ के दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।
दूसरों पर गोली चलाने के बाद आरोपी अधिकारी ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे सेना कैंप और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है।
नागांव के 34 बटालियन कैंप में देर रात हुआ हादसा
यह दर्दनाक घटना नागांव के कटिमारी स्थित सीआरपीएफ (CRPF) की 34वीं बटालियन कैंप की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI/GD) बल्लानी प्रेमाबारम ने अचानक अपनी सर्विस राइफल से साथी जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक बाकी जवान कुछ समझ पाते, तब तक दो जवान गोलियों की चपेट में आ चुके थे। अंधाधुंध फायरिंग करने के बाद एएसआई प्रेमाबारम ने अपनी बंदूक खुद पर तान ली और गोली चलाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
हादसे में दो जवानों ने गंवाई जान, एक की हालत नाजुक
इस खौफनाक वारदात में दो जांबाज जवानों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई:
• विष्णु प्रसाद बघेल (HV/GD)
• रामनवल सिंह यादव (SI/GD)
वहीं, इस गोलीबारी में एक अन्य जवान गोविंद श्रीपुल (ASI/Mane) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों ने घायल जवान को लहूलुहान हालत में पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर, उच्च स्तरीय जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही नागांव की डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) परिमिता सरकार और पुलिस विभाग के साथ-साथ सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत कटिमारी कैंप पहुंचे।
पुलिस और सीआरपीएफ प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किस मानसिक तनाव या विवाद की वजह से अधिकारी ने इतना खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।




