अल्मोड़ा (उत्तराखंड)।

उत्तराखंड के हुनर का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। अल्मोड़ा के एक युवा नवप्रवर्तक (Innovator) ने वो कर दिखाया है, जिसकी कल्पना कभी साइंस फिक्शन फिल्मों में की जाती थी। 'हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड' के संस्थापक और सीईओ रवि टम्टा ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित अपनी पर्सनल फ्लाइंग कार 'हपिडा स्काईनेक्स' (Hapida Skynex) के प्रोटोटाइप का सफलतापूर्व परीक्षण कर इतिहास रच दिया है।

​सेना के हेलीपैड पर हवा में उठी उड़ने वाली कार

​अल्मोड़ा मुख्यालय स्थित आर्मी हेलीपैड पर जब 'हपिडा स्काईनेक्स' ने अपनी पहली उड़ान भरी, तो वहां मौजूद लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। जमीन से उठकर यह वाहन लगभग एक मिनट तक हवा में सफलतापूर्वक ठहरा रहा। इस हैरतअंगेज उड़ान को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​यह सफल परीक्षण रवि टम्टा के सालों के कड़े शोध, तकनीकी मेहनत और अटूट संकल्प का परिणाम है।

​पूरी तरह इलेक्ट्रिक और इको-फ्रेंडली तकनीक

​रवि टम्टा पिछले कई वर्षों से भारत में सुरक्षित, अत्याधुनिक और 100% इलेक्ट्रिक चालित व्यक्तिगत हवाई वाहन (Personal Flying Vehicle) बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

​1 सुरक्षित व आधुनिक: अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया डिजाइन।

2 ​शून्य उत्सर्जन (Zero Emission): बिजली से चलने के कारण यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है।

3 ​सफल टेस्टिंग: पहले ही प्रयास में तय मानकों पर खरा उतरकर वाहन ने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है।

​आपदा प्रबंधन और दुर्गम पहाड़ों में बनेगी 'संजीवनी'

​विशेषज्ञों के मुताबिक, यह नवाचार सिर्फ एक उड़ने वाली कार नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की परिवहन क्रांति है:

​1 दुर्गम क्षेत्रों में मददगार: उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्यों में आपातकालीन पहुंच आसान होगी।

2 ​आपदा में राहत कार्य: बाढ़ या भूस्खलन जैसी स्थितियों में त्वरित चिकित्सा और राहत सामग्री पहुँचाने में क्रांतिकारी साबित होगी।

3 ​ट्रैफिक से निजात: भविष्य में शहरों में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

​रवि टम्टा ने कहा: "मेरा सपना भारत को पर्सनल एविऐशन (Personal Aviation) के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले दिनों में सुरक्षा, क्षमता और स्पीड को और बेहतर करने के लिए इसके अगले चरणों के ट्रायल किए जाएंगे।"

नवाचार के 'जादूगर' हैं रवि टम्टा

​यह पहला मौका नहीं है जब रवि ने अपनी प्रतिभा से चौंकाया हो। इससे पहले भी वे कई बेहतरीन और सामाजिक रूप से उपयोगी आविष्कार कर चुके हैं:

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​वन विभाग के लिए: जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए विशेष अग्निशमन यंत्र।

​दिव्यांगजनों के लिए: तकनीक से लैस आधुनिक और मददगार छड़ी (Smart Stick)।

​'हपिडा स्काईनेक्स' की इस उड़ान ने न सिर्फ उत्तराखंड का मान बढ़ाया है, बल्कि भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र में उम्मीदों के नए दरवाजे खोल दिए हैं।