तुर्की के इस्तांबुल के पास तुर्की जहाज टक्कर की एक बेहद गंभीर और दर्दनाक घटना सामने आई है। बुधवार तड़के मरमारा सागर में तुर्की के झंडे वाले दो व्यावसायिक जहाज आपस में टकरा गए। इस भीषण हादसे के बाद कॉइल्ड स्टील से लदे एक बल्क कैरियर जहाज के डूबने की आशंका है, जिसके 10 क्रू मेंबर्स हादसे के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही तुर्की कोस्ट गार्ड ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
मरमारा सागर में तुर्की जहाज टक्कर की पूरी घटना
जानकारी के अनुसार, यह हादसा स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 3:00 बजे इस्तांबुल के सिलिवरी जिले के पास मरमारा सागर में हुआ। इस तुर्की जहाज टक्कर में शामिल दो जहाजों में से एक 'अलसु' (Alsu) नामक केमिकल टैंकर था, जो लगभग 3,000 टन इंजन ऑयल लेकर एजियन सागर के आलियागा बंदरगाह की ओर जा रहा था।
वहीं, दूसरा जहाज 'टगबेर्क इमामोग्लू' (Tugberk Imamoglu) था, जो 4,200 टन कॉइल्ड स्टील से लदा बल्क कैरियर था और काला सागर के कराडेनिजेरेगली बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा था। व्यस्त समुद्री मार्ग पर दोनों जहाजों के बीच अचानक जोरदार भिड़ंत हो गई।
इमरजेंसी सिग्नल और 10 क्रू मेंबर्स के लापता होने की खबर
तुर्की के समुद्री मामलों के प्राधिकरण के अनुसार, खोज एवं बचाव केंद्र को सुबह 3:26 बजे 'टगबेर्क इमामोग्लू' से पहला इमरजेंसी सिग्नल प्राप्त हुआ था। इसके ठीक 15 मिनट बाद टैंकर 'अलसु' के कैप्टन ने रेडियो के जरिए हादसे की आधिकारिक सूचना दी।
टक्कर के बाद से 'टगबेर्क इमामोग्लू' और उसके 10 चालक दल (क्रू मेंबर्स) से संपर्क पूरी तरह टूट गया। लगातार रेडियो कॉल्स और मोबाइल फोन का जवाब न मिलने पर अधिकारियों ने भारी माल से लदे इस जहाज के तुरंत डूब जाने का अनुमान जताया है। इस्तांबुल के गवर्नर कार्यालय ने स्पष्ट किया कि टैंकर 'अलसु' को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है और वह सुरक्षित है।
कंपनियों की जानकारी और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इस्तांबुल चैंबर ऑफ मैरीटाइम कॉमर्स के आंकड़ों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बल्क कैरियर 'टगबेर्क इमामोग्लू' का स्वामित्व 'ज़ेबे डेनिजसिलिक' (Zebe Denizcilik) के पास है, जबकि टैंकर 'अलसु' का संचालन 'ओजपुलाथाने डेनिज तासिमासिलिगी' द्वारा किया जाता है।
लापता 10 क्रू मेंबर्स की तलाश के लिए तुर्की कोस्ट गार्ड ने 14 जहाजों और एक हेलीकॉप्टर को समुद्र में तैनात किया है। बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में गोताखोरों और सोनार तकनीक की मदद से डूबे हुए जहाज और लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। समुद्री प्रशासन ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
