Telangana School Principal Murder: तेलंगाना के नलगोंडा जिले से एक दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल की 48 वर्षीय प्रिंसिपल और डायरेक्टर रूपा रेड्डी की उनके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए उसी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में ले लिया है। चोरी के इरादे से घुसे इन नाबालिग छात्रों ने पकड़े जाने के डर से प्रिंसिपल पर चाकू से 27 बार ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली।
Telangana School Principal Murder: 'बाबू' शब्द और फोन कॉल से मिला पहला सुराग
11 अगस्त को कोंडामल्लेपल्ली स्थित आवास पर रूपा रेड्डी का खून से लथपथ शव बरामद किया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही थी क्योंकि हत्या बेहद वीभत्स तरीके से की गई थी। हालांकि, वारदात से ठीक पहले हुई एक फोन कॉल ने जांच की दिशा ही बदल दी।
पुलिस के अनुसार, हत्या से चंद मिनट पहले रूपा रेड्डी अपनी मौसी से फोन पर बातचीत कर रही थीं। बातचीत के दौरान फोन कटने से ठीक पहले उनके मुंह से 'बाबू' शब्द निकला था। सामान्य तौर पर दक्षिण भारत के स्कूलों में शिक्षक अपने छात्रों को स्नेहपूर्वक 'बाबू' कहकर संबोधित करते हैं। इसी शब्द के आधार पर पुलिस ने स्कूल के छात्रों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच शुरू की।
अचानक फिजूलखर्ची और पार्टी करने से गहराया शक
पुलिस ने स्कूल खुलने के बाद उन छात्रों की लिस्ट बनाई जो वारदात के बाद से अनुपस्थित चल रहे थे। जांच के दौरान नलगोंडा पुलिस को सूचना मिली कि 10वीं के दो छात्र अचानक अत्यधिक पैसे खर्च कर रहे हैं, महंगे शौक पूरे कर रहे हैं और दोस्तों के साथ पार्टियां कर रहे हैं।
नलगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार सुबह दोनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तलाशी के दौरान एक नाबालिग के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद हुआ। छात्र ने बहाना बनाया कि यह रकम उसके माता-पिता ने दी है, लेकिन जब नोटों की फोरेंसिक जांच कराई गई तो उन पर इंसानी खून के धब्बे पाए गए, जिससे दोनों का झूठ पकड़ा गया।
हॉस्टल से निकाले जाने की रंजिश और पैसे की हवस
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों छात्रों को शराब पीने और तेज रफ्तार बाइक-कार चलाने का शौक था। वे जल्द से जल्द अमीर बनकर ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहते थे।
हत्या से करीब 15 दिन पहले मुख्य आरोपी छात्र को रूपा रेड्डी ने बैग में नकदी और मोबाइल फोन ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। अनुशासनहीनता के चलते प्रिंसिपल ने उसे डांट लगाई, माता-पिता को सूचित किया और हॉस्टल से निकालकर सिर्फ डे-स्कॉलर के रूप में क्लास करने की अनुमति दी। इस कार्रवाई से छात्र प्रिंसिपल से गहरी रंजिश रखने लगा था।
5 दिन पहले रची गई थी लूट की साजिश
छात्रों को मालूम था कि 11 अगस्त को स्कूल में फीस जमा हुई है और प्रिंसिपल के घर पर लाखों का कैश रखा हो सकता है। वारदात से पांच दिन पहले दोनों ने मिलकर पूरी साजिश रची:
रेकी और तैयारी: इलाके के सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन ट्रैक की गई और पकड़े जाने से बचने के लिए दस्ताने और धारदार चाकू खरीदे गए।
दीवार फांदकर एंट्री: 11 अगस्त की शाम एक छात्र दीवार फांदकर घर में घुसा, जबकि दूसरा साथी बाहर निगरानी कर रहा था।
पहचान उजागर होने पर कत्ल: अंदर घुसा छात्र जब 2.5 लाख रुपये समेट रहा था, तभी फोन पर बात कर रहीं रूपा रेड्डी की नजर उस पर पड़ गई। अपनी पहचान उजागर होने और जेल जाने के खौफ में उसने प्रिंसिपल पर 27 बार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
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