नई दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलक्षेत्र में समुद्री लुटेरों की सक्रियता ने एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यमन और सोमालिया के तटवर्ती समुद्री इलाके में लुटेरों ने दुस्साहस दिखाते हुए दो अलग-अलग व्यापारिक (कमर्शियल) जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस गंभीर घटना में दोनों जहाजों पर कुल 30 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 22 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुआ हमला
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हाईजैकिंग की आधिकारिक पुष्टि की है। साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि समुद्री डाकुओं के कब्जे में आए दोनों जहाज विदेशी झंडे (Foreign Flags) वाले हैं। प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों जहाजों पर क्रू के रूप में भारतीय नागरिक अपनी सेवाएं दे रहे थे।
किस जहाज पर कितने भारतीय?
विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:
MT Sibu 1 (एमटी सिबू 1): इस पहले व्यापारिक जहाज पर 16 भारतीय क्रू मेंबर्स तैनात हैं।
M/V Lutuf (एम/वी लुतूफ): इस दूसरे जहाज पर 6 भारतीय नागरिक सवार हैं।
सभी 22 भारतीय सुरक्षित, हालात पर लगातार नजर
घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आश्वस्त किया है कि अब तक प्राप्त इनपुट्स के आधार पर हाईजैक किए गए दोनों जहाजों पर मौजूद सभी 22 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और समुद्री सुरक्षा प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि सभी नागरिकों की सकुशल वापसी सुनिश्चित की जा सके।
