​JJMP Commander Ramdev Lohra उर्फ काका को झारखंड के गुमला जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर उग्रवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता दर्ज की है। पांच लाख रुपये के इनामी सबजोनल कमांडर की इस गिरफ्तारी से प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गुमला पुलिस ने रामदेव लोहरा समेत कुल चार सक्रिय उग्रवादियों को डुमरी थाना क्षेत्र से दबोचा और उनके कब्जे से घातक एके-56 राइफल, एसएलआर, पिस्टल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया।

​डुमरी इलाके में विशेष अभियान और JJMP Commander Ramdev Lohra की घेराबंदी

​गुमला के पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को सटीक गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े कुछ हथियारबंद सदस्य लातेहार सीमा से होकर गुमला जिले में प्रवेश कर चुके हैं। संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर हुई हालिया कार्रवाइयों के बाद यह दस्ता जिले में अपने पुराने नेटवर्क को फिर से खड़ा करने और लेवी वसूली का नया आधार तैयार करने की फिराक में था।

​सूचना के आधार पर जिला पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों ने डुमरी थाना क्षेत्र के जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में सघन घेराबंदी शुरू की। सुरक्षा बलों ने इलाके के सभी प्रमुख रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया। सुरक्षा चक्र को इतना मजबूत रखा गया कि उग्रवादियों को बच निकलने का कोई मौका नहीं मिला और पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

​गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान और JJMP Commander Ramdev Lohra का नेटवर्क

​पुलिस द्वारा पकड़े गए उग्रवादियों में मुख्य सरगना JJMP Commander Ramdev Lohra (पिता: बालमुकुंद लोहरा, निवासी: ग्राम बिंगड़ा, लातेहार) शामिल है। राज्य पुलिस ने कई आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे इस उग्रवादी पर 5 लाख रुपये का सरकारी इनाम रखा हुआ था।

​इसके साथ पकड़े गए तीन अन्य सहयोगियों की पहचान अरविंद नायक (पिता: सहदेव नायक, निवासी: ग्राम कोने, लातेहार), मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये सभी सदस्य लातेहार, लोहरदगा और गुमला की सीमाओं पर संगठन का दायरा बढ़ाने, युवाओं को बरगलाने और ठेकेदारों-कारोबारियों में दहशत फैलाकर अवैध वसूली करने का काम कर रहे थे।

​बरामद हथियारों, कारतूसों और डिजिटल उपकरणों का विवरण

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अत्याधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा जब्त किया है। बरामद सामग्री का विवरण इस प्रकार है:

​स्वचालित एवं अर्ध-स्वचालित राइफलें: दो मैगजीन के साथ एक एके-56 राइफल, मैगजीन युक्त एक एसएलआर राइफल और एक सेमी-ऑटोमेटिक राइफल।

​छोटे हथियार: एक 7.65 एमएम की पिस्टल और एक देसी कट्टा।

​गोला-बारूद: विभिन्न बोर के कुल 146 जिंदा कारतूस।

​संचार उपकरण एवं अन्य सामग्री: एक वॉकी-टॉकी सेट, नौ मोबाइल फोन और दो हाई-स्पीड वाई-फाई डोंगल।

​दस्तावेज व वाहन: प्रतिबंधित संगठन के कई प्रचार पर्चे और आवाजाही में इस्तेमाल की जाने वाली एक मोटरसाइकिल।

​झारखंड में संगठन के बैकफुट पर जाने की मुख्य वजह

​सुरक्षा बलों के लगातार चल रहे अभियानों और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीतियों के असर से उग्रवादी संगठनों का प्रभाव तेजी से घट रहा है। जेजेएमपी के प्रमुख कैडरों के पकड़े जाने के बाद संगठन गंभीर नेतृत्व संकट से गुजर रहा है। इसी खाली जगह को भरने के लिए JJMP Commander Ramdev Lohra गुमला के ग्रामीण और सुदूर अंचलों में नया दस्ता तैयार करने पहुंचा था।