Chhatrapati Sambhaji Nagar Incident ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। छत्रपति संभाजीनगर के देवलाली परिसर स्थित खवड़िया पहाड़ी पर शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। 19 वर्षीय युवक नए iPhone की मांग को लेकर परिजनों से नाराज होकर खड़ी चट्टानों वाली पहाड़ी पर जा चढ़ा था। उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में माता-पिता भी वहां पहुंचे, लेकिन देखते ही देखते पूरा परिवार गहरी खाई में समा गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
Chhatrapati Sambhaji Nagar Incident: विवाद की शुरुआत और पहाड़ी तक का सफर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे झाल्टा फाटा/देवलाली इलाके के निवासी चांदगुडे परिवार में घरेलू विवाद शुरू हुआ। 19 वर्षीय कुणाल चांदगुडे अपने माता-पिता से महंगा स्मार्टफोन (iPhone) खरीदने की लगातार जिद कर रहा था। परिवार की ओर से असमर्थता जताए जाने पर घर में तीखी कहासुनी हो गई। गुस्से और आवेश में आकर कुणाल घर से निकल गया और पास ही स्थित खवड़िया पहाड़ी की ओर दौड़ पड़ा।
खवड़िया पहाड़ी बेहद दुर्गम, ऊंची और खड़ी ढलानों वाली है, जिसके ठीक नीचे गहरी खाई मौजूद है। कुणाल को पहाड़ी के खतरनाक किनारे पर खड़ा देख आसपास के चरवाहों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल उसके परिजनों और स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
3 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ड्रामा
सूचना मिलते ही कुणाल की मां संगीता सबसे पहले मौके पर पहुंचीं और उन्होंने बेटे से घर लौटने की गुहार लगाई। कुछ ही देर में पिता मुरलीधर चांदगुडे, गांव के सरपंच और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी पहाड़ी की तलहटी और किनारों पर जमा हो गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग (Fire Brigade) की टीम को तुरंत बुलाया गया।
प्रशासन और ग्रामीणों ने कुणाल को सुरक्षित नीचे लाने के लिए लगातार समझाइश शुरू की। यह रेस्क्यू ऑपरेशन करीब तीन घंटे तक चला। दमकल कर्मियों ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए नीचे सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाल) लगाने की भी पूरी कोशिश की, लेकिन कुणाल लगातार चट्टानों पर अपनी जगह बदलता रहा। वह किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं था और लगातार छलांग लगाने की धमकी दे रहा था।
बेटे को बचाने की कोशिश में फिसला पिता का पैर
दोपहर करीब एक बजे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। कुणाल चट्टान के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच चुका था। यह देख उसके पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) खुद को रोक नहीं पाए और जोखिम उठाकर बेटे के करीब पहुंचे। उन्होंने कुणाल को समझाने के साथ ही उसका हाथ पकड़कर पीछे खींचने की कोशिश की।
इसी छीना-झपटी और संतुलन बिगड़ने के कारण कुणाल का पैर फिसल गया। मुरलीधर ने बेटे को थामे रखने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ढलान और वजन के कारण दोनों का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और पिता-पुत्र एक साथ सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के सामने ही दोनों ने दम तोड़ दिया।
Chhatrapati Sambhaji Nagar Incident: सदमे में मां ने भी लगाई छलांग
अपनी आंखों के सामने पति और इकलौते बेटे को खाई में गिरते देख मां संगीता चांदगुडे की मानसिक स्थिति पूरी तरह बिखर गई। वह असहनीय सदमे में आ गईं। इससे पहले कि वहां मौजूद ग्रामीण या पुलिसकर्मी उन्हें संभाल पाते, संगीता ने भी उसी पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी।
मात्र कुछ ही मिनटों के अंतराल में पूरा परिवार समाप्त हो गया। मौके पर मौजूद हर व्यक्ति इस मंजर को देखकर स्तब्ध रह गया। दमकल और पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के क्षत-विक्षत शवों को खाई से बाहर निकाला।
