अंतरराष्ट्रीय डेस्क:
लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले अति-महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब (Bab-al-Mandeb Strait) में एक बार फिर यमन के हूती विद्रोहियों का घातक हमला देखने को मिला है। जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यावसायिक (कमर्शियल) कार्गो जहाज को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में तीन क्रू मेंबर्स की दर्दनाक मौत हो गई।
'अल-जुमहुरिया टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, जान गंवाने वाले सदस्यों में दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं। इस ताजा हमले ने दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक व्यापारिक समुद्री रास्तों पर कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अदन की खाड़ी और लाल सागर के मुहाने पर दहशत
समुद्री मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला उस वक्त हुआ जब कार्गो जहाज अंतरराष्ट्रीय जलसीमा से गुजर रहा था। घटना के तुरंत बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियां और अधिकारी जहाज को हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।
"विशेषज्ञों का मानना है कि इस जलमार्ग पर लगातार हो रहे हमलों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ रहा है। यदि इन हमलों पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई, तो समुद्री सुरक्षा का संकट और गहरा सकता है।"
यमन के अल-मुखा शहर और बंदरगाह पर दागीं मिसाइलें
एक तरफ जहां समंदर में कार्गो शिप को निशाना बनाया गया, वहीं दूसरी तरफ यमन के तटीय शहर अल-मुखा (Al-Mukha) और उसके रणनीतिक बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों ने मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन से बड़ा हमला बोल दिया।
यमन सरकारी सेना के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली के अनुसार, इस दोहरे हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
अल-मुखा हमले से जुड़े मुख्य बिंदु:
निशाने पर सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर: विद्रोहियों ने रिहायशी इलाकों, कर्मचारियों के क्वार्टर, दफ्तरों, बिजली संयंत्रों (Power Plants) और सैन्य ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया।
हताहतों का विवरण: मारे गए 7 लोगों में 3 आम नागरिक और सशस्त्र बलों के 4 सदस्य शामिल हैं। घायलों में अधिकांश आम नागरिक हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
वैश्विक व्यापार मार्ग पर मंडराया बड़ा खतरा
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य एशिया और यूरोप के बीच व्यापार का मुख्य द्वार माना जाता है। पिछले कुछ महीनों में हूती विद्रोहियों द्वारा इस क्षेत्र में मर्चेंट नेवी के जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। यमन में सैन्य संघर्ष और लाल सागर में जहाजों पर बढ़ते हमलों ने पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
