​Delhi CNG pump blast की इस दर्दनाक घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिमी दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में स्थित एक कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) स्टेशन पर बुधवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक कॉमर्शियल ट्रक में ईंधन भरने के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और पूरे परिसर में धुएं का गुबार छा गया। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को पास के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर हालत में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

​Tikri Kalan में Delhi CNG Pump Blast की पूरी घटना

​बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे टिकरी कलां स्थित इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के स्टेशन पर सामान्य दिनों की तरह वाहनों में गैस भरी जा रही थी। उसी समय एक भारी ट्रक सीएनजी भरवाने के लिए पंप की लेन में आकर रुका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंप कर्मचारी ने जैसे ही गैस भरने के लिए नोजल को ट्रक के इनलेट वाल्व से जोड़ा और प्रेशर बनना शुरू हुआ, कुछ ही सेकंडों के भीतर एक कानफोड़ू धमाका हुआ।

​धमाके के साथ ही भारी मात्रा में गैस का रिसाव हुआ और हर तरफ सफेद धुआं व धूल फैल गई। पंप पर मौजूद अन्य चालक और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ मिनटों बाद जब धुआं छंटा, तो जमीन पर छह लोग लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले। स्थानीय लोगों और पंप के अन्य कर्मियों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष और दमकल विभाग को दी।

​Delhi CNG Pump Blast से पंप परिसर को भारी नुकसान

​इस हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक में लगे दोनों भारी सीएनजी सिलेंडर ब्लास्ट के बाद धातु के टुकड़ों में तब्दील होकर कई मीटर दूर जाकर गिरे। स्टेशन की करीब 50 फीट ऊंची टीन शेड की छत के परखच्चे उड़ गए और कई सीएनजी डिस्पेंसिंग मशीनें व नोजल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

​दमकल की गाड़ियों और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे के बीच से घायलों को निकालकर तुरंत एंबुलेंस के जरिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और पास के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई।

​मृतकों की पहचान और परिजनों का दर्द

​अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले तीन मृतकों की पहचान ब्रह्मजीत (30), मनीष और सनी के रूप में हुई है। बाकी तीन घायलों का गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में इलाज चल रहा है।

​मृतक ब्रह्मजीत पिछले लगभग तीन वर्षों से इसी पंप पर बतौर ऑपरेटर काम कर रहे थे। उनके परिवार के मुताबिक, ब्रह्मजीत बुधवार दोपहर 2 बजे अपनी नियमित शिफ्ट के लिए घर से निकले थे। करीब 18,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करने वाले ब्रह्मजीत अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। परिजनों ने बताया कि धमाके के दौरान उड़े लोहे के टुकड़े से उनके सिर के पिछले और ऊपरी हिस्से में जानलेवा चोट आई थी, जिससे अस्पताल में उनकी सांसें थम गईं।

​घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और सीलिंग की कार्रवाई

​हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरे स्टेशन को सुरक्षा घेरे में लेकर सील कर दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और उसके फटे हुए सिलेंडरों को साक्ष्य के तौर पर उसी स्थिति में सुरक्षित रखा गया है।

​दिल्ली पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की विशेष टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। विशेषज्ञों ने गैस नोजल, मीटरिंग यूनिट और फटे हुए सिलेंडर के टुकड़ों से कई रासायनिक व भौतिक नमूने एकत्र किए हैं। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट के वक्त गैस का दबाव सामान्य सीमा से अधिक तो नहीं था या फिर ट्रक की वायरिंग में किसी शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने गैस को पकड़ा।