Sugar Prices Hike ने आगामी त्योहारों से पहले आम आदमी की रसोई के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के आगमन से ठीक पहले खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। देश के कई हिस्सों में चीनी का भाव पहली बार 60 रुपये के स्तर को पार करते हुए 65 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचा है। पिछले पखवाड़े में ही कीमतों में 15 रुपये प्रति किलो तक की अप्रत्याशित तेजी दर्ज की गई है, जिससे मिष्ठान कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं।
Sugar Prices Hike: 15 दिनों में ₹15 तक महंगी हुई चीनी, आपूर्ति में 50% की कमी
Sugar Prices Hike का सबसे बड़ा कारण मांग और आपूर्ति के बीच बना भारी अंतर है। खुदरा किराना व्यापारियों के अनुसार, मात्र दो सप्ताह पहले जो चीनी 48 से 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर आसानी से उपलब्ध थी, वह अब 65 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
थोक व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान पेराई सीजन अपने अंतिम चरण में है, जिसके चलते मिलों के पास चीनी का उपलब्ध भंडार काफी कम रह गया है। इस समय बाजार में कुल मांग की तुलना में मात्र 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो पा रही है। जब तक अक्तूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में नया पेराई सत्र शुरू नहीं होता, तब तक आपूर्ति की स्थिति दबाव में रहने की संभावना है।
Sugar Prices Hike के पीछे के प्रमुख कारण:
उत्पादन में 5 फीसदी की गिरावट: पिछले साल की तुलना में इस बार गन्ने और चीनी के कुल उत्पादन में लगभग पांच प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
एथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता: चीनी मिलों ने ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए गन्ने के रस का इस्तेमाल चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल निर्माण में किया।
औद्योगिक मांग में वृद्धि: पेट्रोल मिश्रण नीति और शराब निर्माता कंपनियों की ओर से एथेनॉल की मांग बढ़ने से चीनी का घरेलू उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ।
Sugar Prices Hike: मिठाई कारोबारियों की लागत 30% बढ़ी, त्योहारी मिठास पर संकट
Sugar Prices Hike का सीधा और सबसे बड़ा असर मिठाई उद्योग पर पड़ रहा है। व्यापार संगठनों के अनुसार, सामान्य मिठाई निर्माण में लगभग 20 प्रतिशत चीनी की खपत होती है, जबकि एक किलो मावे (खोये) में करीब 200 ग्राम चीनी की आवश्यकता होती है।
कच्चे माल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी के कारण हलवाइयों और मिष्ठान निर्माताओं की उत्पादन लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि व्यावसायिक गैस सिलिंडर पर हाल ही में मिली सब्सिडी का फायदा भी चीनी की बढ़ी हुई कीमतों के कारण पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आगामी त्योहारी सीजन में आम जनता को मिठाइयों के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी।
Sugar Prices Hike: जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने तय की 15 दिन की स्टॉक सीमा
Sugar Prices Hike पर अंकुश लगाने और बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने बड़े थोक डीलरों और कन्फेक्शनरी निर्माताओं के लिए चीनी भंडारण की सख्त सीमा निर्धारित कर दी है।
सरकार के नए स्टॉक नियमों की मुख्य बातें:
पात्रता दायरा: यह नियम उन सभी डीलरों और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो मासिक रूप से 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल या कारोबार करते हैं।
15 दिनों का स्टॉक नियम: ऐसे कोई भी कारोबारी या इकाइयां अपनी जरूरत के अनुसार 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगी।
