Ashish Banerjee के अचानक उठाए गए इस आत्मघाती कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को स्तब्ध कर दिया है। बीरभूम जिले के रामपुरहाट में स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय में रविवार सुबह राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और वरिष्ठ नेता Ashish Banerjee का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया। घटनास्थल से पुलिस को एक पन्ने का भावुक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में अपने प्रवेश को जीवन की सबसे बड़ी भूल बताया।

​Ashish Banerjee News: पार्टी दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव

​बीरभूम के रामपुरहाट स्थित स्थानीय पार्टी कार्यालय में रोज की तरह जब कार्यकर्ता पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। 75 वर्षीय वरिष्ठ नेता का शव छत से लटक रहा था। कार्यकर्ताओं ने तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। रामपुरहाट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

​शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। घटनास्थल को तुरंत सील कर दिया गया और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​Ashish Banerjee Suicide Note: 'राजनीति में आना मेरी सबसे बड़ी भूल'

​पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने सियासी गलियारों में गंभीर बहस छेड़ दी है। अपने अंतिम पत्र में पूर्व डिप्टी स्पीकर ने साफ लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई दूसरा व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है।

​"मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। लेकिन आज जीवन के इस मोड़ पर मुझे गहरा अहसास हो रहा है कि राजनीति में कदम रखना ही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी।"

​मूल रूप से पेशे से शिक्षक रहे इस वरिष्ठ नेता ने अपने पत्र में अपने बेदाग अतीत को याद किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी गलत तरीके से एक पैसा भी नहीं कमाया और दशकों तक विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के शिक्षा दी।

​तारापीठ अथॉरिटी और मानहानि का दर्द

​सुसाइड नोट में तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में खुद को दरकिनार किए जाने का दर्द भी साफ झलकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ समय से उनकी बेदाग छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिशें रची जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने पूरे जीवन में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे, इसके बावजूद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया गया।

​पत्र के अंत में उन्होंने गहरी हताशा व्यक्त करते हुए अपने परिवार और आने वाली पीढ़ियों को सख्त हिदायत दी कि वे भविष्य में कभी भी सक्रिय राजनीति में कदम न रखें।

​Ashish Banerjee Career: पांच बार विधायक और ममता सरकार में मंत्री

​पश्चिम बंगाल के संसदीय इतिहास में इस नेता का एक लंबा और उल्लेखनीय सफर रहा है। बीरभूम जिले के रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती थी।

​लगातार पांच जीत: वे वर्ष 2001 से 2026 तक लगातार पांच बार रामपुरहाट से विधायक चुने गए।

​मंत्रालयों की जिम्मेदारी: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में कार्य किया।