उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक महिला को नौकरी का झांसा देकर उसके दो मासूम बच्चों सहित आठ दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ नशीला पदार्थ देकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर उसके बाल काटकर बर्बरतापूर्वक पीटा गया। पीड़िता के पति की सूझबूझ और पुलिस की मदद से तीनों को मुक्त कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

​Barabanki Gang Rape Case: नौकरी के बहाने रची गई खौफनाक साजिश

​पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पति से पारिवारिक विवाद और अनबन के कारण वह अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए काम की तलाश में थी। इसी दौरान उसके पड़ोस में रहने वाली एक महिला—जिसे वह 'भाभी' कहती थी—ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाने की साजिश रची।

​आरोपी महिला ने पीड़िता को शहर में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बीते 2 अगस्त को वह महिला एक लाल रंग की कार से सुहेल अंसारी और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ गांव पहुंची। पीड़िता उस वक्त अपने 4 साल के दिव्यांग बेटे और 5 साल के दूसरे बच्चे के साथ थी। नौकरी के भरोसे में महिला अपने दोनों बच्चों को लेकर कार में बैठ गई।

​कोठीडीह के कमरे में 8 दिन का खौफनाक बंधक काल

​कार सवार आरोपी महिला और उसके साथियों ने पीड़िता व उसके दोनों बच्चों को आवास विकास चौकी क्षेत्र अंतर्गत कोठीडीह स्थित एक मकान में ले जाकर बंद कर दिया। अंदर पहुंचते ही आरोपियों ने सबसे पहले महिला का मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके।

​आरोप है कि उसी रात सुहेल अंसारी नामक युवक ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

​नशीला पदार्थ देकर प्रताड़ना: 2 अगस्त से 10 अगस्त तक महिला को कमरे में कैद रखा गया। उसे बीयर और शराब में नशीली गोलियां मिलाकर जबरन पिलाई जाती थीं और अर्द्धबेहोशी की हालत में उसके साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

​बच्चों को जान से मारने की धमकी: जब पीड़िता ने विरोध करने या भागने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके चार साल के दिव्यांग बच्चे और पांच साल के मासूम को जान से मारने की धमकी दी तथा बच्चों के साथ भी मारपीट की।

​शारीरिक बर्बरता: लगातार विरोध जताने पर दरिंदों ने महिला के सिर के बाल काट दिए और उसे गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचाईं।

​पति की सूझबूझ से हुआ पर्दाफाश

​पीड़िता के अचानक बच्चों सहित लापता होने के बाद उसके पति को पड़ोस की महिला पर गहरा शक हुआ। पति ने सीधे टकराव के बजाय सूझबूझ दिखाई और अपने एक परिचित दोस्त को फर्जी ग्राहक बनाकर उस नेटवर्क तक पहुंचाया।

​सटीक लोकेशन और जानकारी मिलते ही पति ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। 10 अगस्त को पुलिस टीम के सहयोग से दबिश देकर मकान से पीड़िता और उसके दोनों मासूम बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

​Police Action in Barabanki Gang Rape Case: दो आरोपी हिरासत में

​घटना के बाद शुक्रवार को पीड़िता की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसका पति उसे गोद में उठाकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा। पीड़िता के पति ने अधिकारियों के समक्ष मेडिकल परीक्षण कराने, मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने, घटना में प्रयुक्त लाल कार को जब्त करने और सभी नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।