Bageshwar minor POCSO case को लेकर बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यहां तहसील क्षेत्र की एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कपकोट में एक नवजात शिशु को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान जब अस्पताल प्रबंधन को युवती की वास्तविक आयु का पता चला, तो स्वास्थ्य कर्मियों के होश उड़ गए। अस्पताल प्रशासन ने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस को सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद किशोरी की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर कर दिया। पुलिस ने बांसे गांव निवासी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
Bageshwar minor POCSO case: अस्पताल पहुंचते ही सामने आई हकीकत
मिली जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार को कपकोट तहसील के एक ग्रामीण इलाके से 17 वर्षीय किशोरी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट लाया गया था। अस्पताल के लेबर रूम में किशोरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
प्रसव प्रक्रिया और कागजी औपचारिकताओं के दौरान जब स्वास्थ्य कर्मियों ने युवती के दस्तावेज और उम्र की जानकारी ली, तो यह स्पष्ट हुआ कि प्रसूता अभी महज 17 वर्ष की है और कानूनी रूप से नाबालिग है। नाबालिग के मां बनने की पुष्टि होते ही अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत कपकोट थाना पुलिस को लिखित मेमो भेजकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर जिला अस्पताल किया गया रेफर
प्रसव के अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को प्रसूता किशोरी की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। अत्यधिक कमजोरी और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को देखते हुए सीएचसी कपकोट के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने और उच्च स्तरीय चिकित्सा निगरानी प्रदान करने के लिए डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर कर दिया।
अस्पताल प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान समय में नवजात शिशु और किशोरी दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। दोनों की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
Bageshwar minor POCSO case में बांसे गांव के युवक पर मुकदमा दर्ज
अस्पताल से सूचना मिलते ही कपकोट थाना पुलिस की टीम हरकत में आ गई। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर प्राथमिक साक्ष्य जुटाए और किशोरी व उसके परिजनों के बयान दर्ज किए। बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बांसे गांव के निवासी कवींद्र राम को नामजद करते हुए उसके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाना कानूनन गंभीर अपराध है। आरोपी युवक ने किशोरी की नासमझी और नाबालिग उम्र का फायदा उठाकर यह कृत्य किया, जिसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीमों का गठन, संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश
मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी कवींद्र राम अपने घर से फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कपकोट पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है जो आरोपी के सभी संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और संभावित रास्तों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस उसके मोबाइल नेटवर्क और संपर्कों की भी तकनीकी निगरानी कर रही है ताकि उसे जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लिया जा सके।
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